फास्टटैग हो जायेगा बंद अगर नहीं किया ये काम ,जानिये नया नियम

आये दिन फास्टटैग को लेकर सरकार नए नए नियम लाती रहती है एक नियम और आने वाला है जो कि 1 नवम्बर 2025 से लागू होने वाला है इस नियम के तहत आपको अपने फास्टटैग का KYV कराना होगा जिसका मतलब है Know your vehicle . इसे करने के पश्चात आपके वाहन का चेसिस नंबर ,फोटो ,व कितने एक्सेल का वाहन है वह कुछ इसमें आजायेगा। इसलिए KYV कराना जरूरी है ताकि आपका FASTag सक्रिय, सुरक्षित और सुचारू रूप से काम करता रहे, और भविष्य में किसी तरह की भुगतान या वाहन पहचान से जुड़ी समस्या न आए। इस प्रक्रिया को हर फास्टटैग यूजर को करना होगा वरना फास्टटैग टोल टैक्स पर कार्य नहीं करेगा।

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KYV क्या होता है ?

FASTag के KYV (Know Your Vehicle) अनुसार, यह एक डिजिटल सत्यापन प्रक्रिया है जो वाहन की असली पहचान और उसके पंजीकरण विवरण की पुष्टि करने के लिए बनाई गई है। जब कोई वाहन मालिक FASTag के लिए आवेदन करता है, तो KYV प्रक्रिया के तहत वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर (RC), चेसिस नंबर, इंजन नंबर और वाहन के प्रकार जैसी जानकारी को वैरिफाई किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि FASTag केवल वास्तविक और मान्य वाहनों को ही जारी किया जाए। यह प्रक्रिया धोखाधड़ी, फर्जी टैग उपयोग और टैक्स चोरी जैसी गतिविधियों को रोकने में मदद करती है। KYV सिस्टम राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) नेटवर्क से जुड़ा होता है, जिससे टोल प्लाज़ा पर स्वचालित रूप से वाहन की पहचान और भुगतान सुनिश्चित होता है। इस प्रकार, KYV से FASTag व्यवस्था अधिक सुरक्षित, पारदर्शी बन जाती है।

KYV करना कब जरूरी होगा ?

KYV करना इस लिए भी जरुरी होगा कि देश में कई ऐसी शिकायतें आयी जिसमे कि कुछ बड़े वाहन छोटे वाहनों का फास्टटैग लगाकर टैक्स की चोरी कर रहे थे इससे यह कहीं न कहीं कम हो जायेगा। और यदि आपकी गाड़ी में ज्यादा एक्सेल हैं तो ज्यादा टोल लिया जायेगा और कम एक्सेल हैं तो कम टोल टैक्स लिया जायेगा। और यह प्रक्रिया आपको हर 3 साल में एक बार करनी होगी। अन्यथा की स्थिति में आपका फास्टटैग कार्य करना बंद करदेगा जिससे कि आप सफर के दौरान परेशान रहेंगे और पेनल्टी भी दे सकते हैं।

क्या अंतर है KYC और KYV में ?

KYC (Know Your Customer) का मतलब है “अपने ग्राहक को जानो”। यह प्रक्रिया बैंक या FASTag जारी करने वाली एजेंसी द्वारा उपयोगकर्ता की पहचान और पते की पुष्टि करने के लिए की जाती है। इसमें पैन कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई पहचान पत्र मांगा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस व्यक्ति के नाम पर FASTag जारी किया जा रहा है, वही उसका वास्तविक उपयोगकर्ता है।

वहीं KYV (Know Your Vehicle) का अर्थ है “अपने वाहन को जानो”। यह प्रक्रिया वाहन की सही जानकारी जैसे—वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर (RC), इंजन नंबर, चेसिस नंबर, और वाहन के प्रकार (कार, ट्रक, बस आदि) की पुष्टि के लिए की जाती है। KYV से यह सुनिश्चित किया जाता है कि FASTag सही वाहन पर लगाया गया है और उससे जुड़ी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से मेल खाती है।

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KYV करने का तरीका क्या है ?

KYV प्रक्रिया में वाहन मालिक को अपने वाहन के दस्तावेज़ जैसे – आरसी (Registration Certificate), वाहन की तस्वीर, और कभी-कभी इंश्योरेंस पेपर जमा करने होते हैं। यह प्रक्रिया ऑनलाइन या बैंक/एनएचआईसी (NHAI) की अधिकृत एजेंसी के माध्यम से की जा सकती है।जब आप KYV प्रक्रिया पूरी करते हैं, तो सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि आपका FASTag उसी वाहन के साथ जुड़ा हुआ है जिसकी जानकारी आपने दी है। यदि KYV नहीं किया गया हो, तो FASTag से टोल भुगतान में दिक्कत आ सकती है या टैग अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी हो सकता है।

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